रग-रग में इस तरह


रग-रग में इस तरह - ishq, mohobat, payar ka izhaar hindi shayari

रग-रग में इस तरह से समा कर चले गये,
जैसे मुझ ही को मुझसे चुराकर चले गये,
आये थे मेरे दिल की प्यास बुझाने के वास्ते,
इक आग सी वो और लगा कर चले गये।

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