होती है है जब खफा

होती है है जब खफा

होती है जब खफा, मुझसे बात भी नहीं करती है, देर रात तक लेकिन मेरा वो इंतजार करती है, निराला सा अंदाज है इश्क में दिलबर का मेरे, पहले खुब डाँट लेती है फिर दिल से प्यार करती...
बिना आहट के

बिना आहट के

बिना आहट के इन आँखो से दिल मे उतरते हो तुम “वाह सनम”क्या लाजवाब इश्क करते हो तुम
दिल की हसरत

दिल की हसरत

दिल की हसरत मेरी जुबान पे आने लगी, तूने देखा और ये ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी, ये इश्क़ की इन्तहा थी या दीवानगी मेरी, हर सूरत में सूरत तेरी नजर आने...

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