इजाज़त शायरी – Ijazat Shayari

Ijazat shayari in Hindi - इजाज़त शायरी

पेश है खास आपके के लिए रिश्तो और जज़्बातों से जुड़ी इजाज़त शायरी। किसी अपने से इजाज़त लेने और देने के लिए शायराना अंदाज हिन्दी शायरी के रूप में –

तुम्हारी फिक्र करने के लिए
हमारा रिश्ता होना जरूरी तो नही…
एहसास की ही तो बात है,
तुम्हारी इजाजत भी जरूरी नही….

इजाजत हो अगर तो पूछ लूँ मैं तेरी ज़ुल्फ़ों से,
सुना है ज़िंदगी एक खूबसूरत जाल है…

इजाजत हो तो तेरे चेहरे को देख लूं जी भर के…
मुद्दतों से इन आँखों ने कोई बेवफा नहीं देखा…….

सुनो
एक ख़ता हो गई है
हमने तुमको
तुमसे चुराया है
तुम्हारी इजाजत के बगैर…..

लोग पूछते है मेरी खुशियों का राज क्या है…
इजाज़त हो तो आप का नाम बता दूँ…?

है मुहब्बत हयात की लज़्ज़त, वरना कुछ लज़्ज़त-ए-हयात नहीं
है इजाज़त तो एक बात कहूं, वो, मगर, ख़ैर, कोई बात नहीं

इजाज़त शायरी – Ijazat Shayari Collection

हमने क्या उस से मुहब्बत की इजाज़त ली थी
दिलशिकन ही सही पर बात बजा है उसकी

तुम्हारा हिज्र मना लूँ अगर इजाज़त हो
मैं दिल किसी से लगा लूँ अगर इजाज़त हो

कुछ तो मिल जाए लब-ए-शीरीं से
ज़हर खाने की इजाज़त ही सही

मुझसे सलाह ली न इजाज़त तलब हुई
बे-वजह रूठ बैठे हैं अपनी ख़ुशी से आप

अगर हो इजाज़त तो तुमसे एक बात पूछ लू
वो जो इश्क हमसे सीखा था, अब किससे करते हो..?

न तड़पने की इजाज़त है न फ़रियाद की है
घुट के मर जाऊँ ये मर्ज़ी मिरे सय्याद की है

भूल सको तो भूल जाओ मुझे… न भूल पाओ तो…
लौट आना पास मेरे… इक और भूल की इजाज़त है तुझे…

इजाज़त शायरी – Love Shayari Collection 

सब छोड़े जा रहे हैं आजकल हमें,
ऐ ज़िन्दगी तुझे भी इजाज़त है… “जा ऐश कर”

मैं चाहता हूँ कि तुम ही मुझे इजाज़त दो
तुम्हारी तरह से कोई गले लगाए मुझे

तुम्हारी याद मे जीने की आरज़ू है अभी
कुछ अपना हाल सँभालूँ अगर इजाज़त हो

इजाज़त हो तो तेरे चहेरे को देख लूँ जी भर के,
मुद्दतों से इन आँखों ने कोई बेवफा नहीं देखा..

चलो ये जुर्म भी कबूल है
जो तेरी इजाज़त के बगैर तुझे अपना समझा…

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