पहली बार किसी गज़ल को पढ़कर आंसू आ गए । शख्सियत ए “लख्ते-जिगर” कहला न सका । जन्नत के धनी “पैर” कभी सहला न सका । दुध पिलाया उसने छाती से निचोड़कर, मैं “निकम्मा, कभी 1 ग्लास पानी पिला न सका। बुढापे का “सहारा हूँ “अहसास” दिला न सका पेट पर सुलाने वाली को “मखमल, […]
Category: Day Shayari
माता पिता की दुआ
जब माँ छोड़कर जाती है तब दुनिया में कोई दुआ देने वाला नहीं होता.. और जब पिता छोड़कर जाता है तब कोई हौसला देने वाला नहीं होता..
मैं औरत हूँ
“मैं औरत हूँ” इसलिए कभी नहीं थकतीमैं सबके जागने से पहले जागती हूँमैं सबके सोने के बाद सोती हूँक्योंकि मैं एक “औरत” हूँइसलिए कभी नहीं थकतीसुबह गृहस्थी में सिमट जाती हैदोपहर फाइलों के बण्डल में
महिला दिवस की शुभ कामनायें…
Womens Day Shayari in Hindi | Mahila Diwas Shayari | महिला दिवस की शुभ कामनायें! दुनिया की पहचान है औरत;दुनिया पर एहसान है औरत;हर घर की जान है औरत;बेटी, माँ, बहन, भाभी बनकर,घर-घर की शान है औरत;ना समझो इसको तुम कमज़ोर कभी,ये है रिश्तों की डोर;मर्यादा और सम्मान है औरत।***महिला दिवस की शुभ कामनायें!****HAPPY WOMAN’S […]