मेरे नसीब का लिक्खा बदल भी सकता था वो चाहता तो मेरे साथ चल भी सकता था ये तूने ठीक किया अपना हाथ खींच लिया मेरे लबों से तिरा हाथ जल भी सकता था मैं ठीक वक़्त में ख़ामोश हो गया वरना मिरे रफ़ीकों का लहेजा बदल भी सकता था merre nasib ka likha badal […]
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शिकायत
शिकायत उन्हें कि हम याद नहीं करते,भूलें ही कहां थे उन्हें जो याद करते।
दिल के कोने से
दिल के कोने से एक आवाज़ आती हैहमें हर पल उनकी याद आती हैदिल पूछता है बार – बार हमसेके जितना हम याद करते है उन्हेंक्या उन्हें भी हमारी याद आती है
सुबह आ गई
वो सुहानी शाम गुज़र गई और महकती सुबह आ गई,दिल ज़ोरों से धड़का और तुम्हारी याद आ गई।
कोई वादा नहीं
कोई वादा नहीं फिर भी तेरा इंतज़ार हैजुदाई के बाद भी तुम से प्यार हैतेरे चेहरे की उदासी बता रही हैमुझसे मिलने के लिये तू भी बेकरार है..
कितनी खूबसूरत सुबह
ये कितनी खूबसूरत सुबह है,इसे यादों से सजाने का जी चाहता है,इस सुबह की खूबसूरती के साथ,नए नए दोस्त बनाने का जी चाहता है,और उन नए नय दोस्तों के साथ,खुशियां मनाने का जी चाहता है।