माना कि तुम जीते हो ज़माने के लिये, एक बार जी के तो देखो हमारे लिये, दिल की क्या औकात आपके सामने, हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिये |
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होती है है जब खफा
होती है जब खफा, मुझसे बात भी नहीं करती है, देर रात तक लेकिन मेरा वो इंतजार करती है, निराला सा अंदाज है इश्क में दिलबर का मेरे, पहले खुब डाँट लेती है फिर दिल से प्यार करती है
बिना आहट के
बिना आहट के इन आँखो से दिल मे उतरते हो तुम “वाह सनम”क्या लाजवाब इश्क करते हो तुम
दिल की बात
दिल की बात दिल में मत रखना, जो पसंद हो उससे आइ लव यू कहना, अगर वो गुस्से में आ जाए तो डरना मत, राखी निकालना और कहना… प्यारी बहना मिलती रहना…
जो तार से निकली
जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है जो साज पे गुजरी है वो किस दिल को खबर है
दिल थाम कर
बिछड़ने/जुदाई, महोब्बत मे दर्द शायरी दिल थाम कर जाते हैं हम राहे-वफा से,खौफ लगता है हमें तेरी आंखों की खता से,जितना भी मुनासिब था हमने सहा हुजूर,अब दर्द भी लुट जाए तुम्हारी दुआ से।हम तो बुरे नहीं हैं तो अच्छे ही कहाँ हैं,दुश्मन से जा मिले हैं मुहब्बत के गुमां से,वो दफ्न ही कर देते […]