दिल से निकली ही नहीं शाम जुदाई वाली…तुम तो कहते थे बुरा वक़्त गुज़र जाता है…. Read More Shayari –
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मिट्टी में मिला
मिट्टी में मिला दे मुझे के जुदा हो नहीं सकता,अब इससे ज्यादा मैं तेरा हो नहीं सकता …!!!
हर एक बात पर
हर एक बात पर वक़्त का तकाजा हुआ, हर एक याद पर दिल का दर्द ताजा हुआ, सुना करते थे ग़ज़लों में जुदाई की बातें, खुद पे बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ।
मैं तेरा मुंतज़िर हूँ
मैं तेरा मुंतज़िर हूँ मुस्कुरा के मिल कब तक तुझे तलाश करूँ अब आ के मिल यूं मिल के फिर जुदाई का लम्हा न आ सके जो दरमियाँ में है सभी कुछ मिटा के मिल
दिल थाम कर
बिछड़ने/जुदाई, महोब्बत मे दर्द शायरी दिल थाम कर जाते हैं हम राहे-वफा से,खौफ लगता है हमें तेरी आंखों की खता से,जितना भी मुनासिब था हमने सहा हुजूर,अब दर्द भी लुट जाए तुम्हारी दुआ से।हम तो बुरे नहीं हैं तो अच्छे ही कहाँ हैं,दुश्मन से जा मिले हैं मुहब्बत के गुमां से,वो दफ्न ही कर देते […]
जुदाई/बिछड़ने पर शायरी हिन्दी में
बिछड़ने की शायरी हिंदी में / जुदाई शायरी का संग्रह हिन्दी में पढें बिछडनें और जुदाई शब्द पर शायरी पढें ये किस मोड़ पर तुम्हे बिछड़ने की सूझी,मुद्दतों के बाद तो संवरने लगे थे हम… हालात का तक़ाज़ा था , एक बार मिल के हमबिछड़े कुछ इस अदा से , के दोबारा मिल न सकें […]