Tag: दर्द
जो तार से निकली
जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है जो साज पे गुजरी है वो किस दिल को खबर है
हर एक बात पर
हर एक बात पर वक़्त का तकाजा हुआ, हर एक याद पर दिल का दर्द ताजा हुआ, सुना करते थे ग़ज़लों में जुदाई की बातें, खुद पे बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ।
दिल थाम कर
बिछड़ने/जुदाई, महोब्बत मे दर्द शायरी दिल थाम कर जाते हैं हम राहे-वफा से,खौफ लगता है हमें तेरी आंखों की खता से,जितना भी मुनासिब था हमने सहा हुजूर,अब दर्द भी लुट जाए तुम्हारी दुआ से।हम तो बुरे नहीं हैं तो अच्छे ही कहाँ हैं,दुश्मन से जा मिले हैं मुहब्बत के गुमां से,वो दफ्न ही कर देते […]
कभी हस लिये
कभी हस लिये तो कभी मुस्कुरा दिये।जब हुए उदास तन्हाई मे रो लिये।।सुनाने से दास्तां अपनी, अपनी ही रुसवाई थी।कुछ छुपा ली हमने, कुछ पन्नो पे सजा दिये।।
सब कुछ है नसीब में
सब कुछ है नसीब में, तेरा नाम नहीं है दिन-रात की तन्हाई में आराम नहीं हैमैं चल पड़ा था घर से तेरी तलाश में आगाज़ तो किया मगर अंजाम नहीं हैमेरी खताओं की सजा अब मौत ही सही इसके सिवा तो कोई भी अरमान नहीं हैकहते हैं वो मेरी तरफ यूं उंगली उठाकर इस शहर […]