पहली बार किसी गज़ल को पढ़कर आंसू आ गए । शख्सियत ए “लख्ते-जिगर” कहला न सका । जन्नत के धनी “पैर” कभी सहला न सका । दुध पिलाया उसने छाती से निचोड़कर, मैं “निकम्मा, कभी 1 ग्लास पानी पिला न सका। बुढापे का “सहारा हूँ “अहसास” दिला न सका पेट पर सुलाने वाली को “मखमल, […]
भाई-बहन रक्षा-बंधन पर विशेष
रक्षा बंधन भाई बहन के प्यार को समझाती ये खास पोस्ट है आपके लिए बड़े होकर बड़े होकर भाई-बहन कितने दूर हो जाते हैं इतने व्यस्त हैं सभी कि मिलने से भी मजबूर हो जाते हैं एक दिन भी जिनके बिना नहीं रह सकते थे हम सब ज़िन्दगी में अपनी मसरूफ हो जाते हैं छोटी-छोटी […]
सफर की हद
सफ़र की हद है वहां तक की कुछ निशान रहे, चले चलो की जहाँ तक ये आसमान रहे, ये क्या उठाये कदम और आ गयी मंजिल, मज़ा तो तब है के पैरों में कुछ थकान रहे
बहन का प्यार
बहन का प्यार किसी दुआ से कम नहीं होता,वो चाहे दूर भी हो तो गम नहीं होताअक्सर रिश्ते दूरियों से फीके पड़ जाते हैपर बहन भाई का प्यार कभी कम नहीं होता
रिश्ता भाई बहन का
रिश्ता हम भाई बहन का,कभी मीठा कभी खट्टा,कभी रूठना कभी मनानाकभी दोस्ती कभी झगड़ाकभी रोना और कभी हँसना,ये रिश्ता हैं प्यार कासबसे अलग सबसे अनोखा..!! रक्षा-बंधन की शुभकामनाऐं
रक्षा बंधन पर कविता
बचपन की यादो का चित्रहार है राखी,हर घर में खुशियो का उपहार है राखी,शिक्षा का मीठेपन का एहसास है राखी,भाई बहन का परस्पर विश्वास है राखी,दिल का सुकून और मीठा सा जज्बात है राखी,शब्दों की नही पवित्र दिलो की बात है राखी । रक्षा बंधन आप सब को हार्दिक शुभकामनाये।