यूँ तो एक आवाज़ दूँ.. और बुला लूँ तुम्हें,मगर कोशिश ये है कि.. खामोशी को भी आज़मा लूँ ज़रा…
हिन्दी दिवस – Hindi Diwas Messages
हमारे देश में हिन्दी दिवस – Hindi Diwas हर साल 14 सितम्बर को ही मनाया जाता है, हिंदी भाषा का दुनियाँ प्रचार-प्रसार करने के लिए इस दिन को मनाते है। 14 सितम्बर 1949 को ही हिंदी को देवनागरी लिपि में भारत की कार्यकारी और राष्ट्रभाषा का दर्जा अधिकारिक रूप से दिया गया था और तभी […]
रग-रग में इस तरह
रग-रग में इस तरह से समा कर चले गये, जैसे मुझ ही को मुझसे चुराकर चले गये, आये थे मेरे दिल की प्यास बुझाने के वास्ते, इक आग सी वो और लगा कर चले गये।
राह में संग चलूँ
राह में संग चलूँ ये न गँवारा उसको, दूर रहकर वो करता है इशारे बहुत, नाम तेरा कभी आने न दिया होंठों पर, यूँ तेरे जिक्र से शेर सँवारे हैं बहुत।
नजर से क्यूँ
नजर से क्यूँ जलाते हो आग चाहत की, जलाकर क्यूँ बुझाते हो आग चाहत की, सर्द रातों में भी तपन का एहसास रहे, हवा देकर बढ़ाते हो आग चाहत की।
तेरे शहर में
तेरे शहर में आ कर बेनाम से हो गए, तेरी चाहत में अपनी मुस्कान ही खो गए, जो डूबे तेरी मोहब्बत में तो ऐसे डूबे, कि जैसे तेरी आशिक़ी के गुलाम ही हो गए।