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Meri Izazat Ke Bagair

काश… एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर, वो आकर गले लगा ले, मेरी इजाजत के बगैर Kaash …. Ek Khwahish Puri Ho Ibadad Ke Bgair Wo Aakar Galle Laga Le Meri Izazat Ke Bagair..

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इजाज़त शायरी – Ijazat Shayari

पेश है खास आपके के लिए रिश्तो और जज़्बातों से जुड़ी इजाज़त शायरी। किसी अपने से इजाज़त लेने और देने के लिए शायराना अंदाज हिन्दी शायरी के रूप में – तुम्हारी फिक्र करने के लिए हमारा रिश्ता होना जरूरी तो नही…एहसास की ही तो बात है,तुम्हारी इजाजत भी जरूरी नही…. इजाजत हो अगर तो पूछ […]