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तेरे सीने से – Love Shayari

तेरे सीने से लग कर तेरी आरजू बन जाऊँ,तेरी सांसों से मिलकर तेरी खुशबू बन जाऊँ,फासले न रहें कोई हम दोनों के दरम्यान,मैं, मैं न रहूँ बस तू ही तू बन जाऊँ।

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आरजू तमाम

आरजू तमाम पिघलने लगी हैं,लो और एक शाम फिर से ढलने लगी है,हसरत-ए-मुलाकात का शौक है बस,ये ज़िद भी तो हद से गुजरने लगी है |