सफर की हद ShayariArt 8 years ago Home » Hindi Shayari » Motivational Shayari » सफर की हद Facebook Twitter Digg Pinterest सफ़र की हद है वहां तक की कुछ निशान रहे, चले चलो की जहाँ तक ये आसमान रहे, ये क्या उठाये कदम और आ गयी मंजिल, मज़ा तो तब है के पैरों में कुछ थकान रहे