Site icon Hindi Shayari – हिन्दी शायरी

हसीनो के सितम


हसीनों के सितम को मेहरबानी कौन कहता है
अदावत को मोहब्बत की निशानी कौन कहता है
बला है क़हर है आफ़त है फ़ित्ना है क़यामत का
हसीनों की जवानी को जवानी कौन कहता है🌷

Exit mobile version