मासूमियत शायरी

Hindi Shayari
Hindi Shayari

मासूमियत शब्द पर शायरी। सादगी पर शायरी

न जाने क्या मासूमियत है तेरे चेहरे पर.. तेरे सामने आने से ज़्यादा तुझे छुपकर देखना अच्छा लगता है..
क्या बयान करें तेरी मासूमियत को शायरी में हम, तू लाख गुनाह कर ले सजा तुझको नहीं मिलनी।
दम तोड़ जाती है हर शिकायत, लबों पे आकर, जब मासूमियत से वो कहती है, मैंने क्या किया है?
मासूमियत का कत्ल किस के सिर पर मढें, हमें ही शौक था समझदार हो जाने का !!
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