हर एक बात पर

Har Ek Baat - Hindi Judai Shayari
Har Ek Baat - Hindi Judai Shayari
Har Ek Baat – Hindi Judai Shayari
 
हर एक बात पर वक़्त का तकाजा हुआ, हर एक याद पर दिल का दर्द ताजा हुआ, सुना करते थे ग़ज़लों में जुदाई की बातें, खुद पे बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ।

मैं तेरा मुंतज़िर हूँ

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मैं तेरा मुंतज़िर हूँ मुस्कुरा के मिल कब तक तुझे तलाश करूँ अब आ के मिल यूं मिल के फिर जुदाई का लम्हा न आ सके जो दरमियाँ में है सभी कुछ मिटा के मिल

दिल थाम कर

बिछड़ने/जुदाई, महोब्बत मे दर्द शायरी



दिल थाम कर - बिछड़ने/जुदाई, महोब्बत मे दर्द शायरी हिन्दी में
दिल थाम कर जाते हैं हम राहे-वफा से,
खौफ लगता है हमें तेरी आंखों की खता से,
जितना भी मुनासिब था हमने सहा हुजूर,
अब दर्द भी लुट जाए तुम्हारी दुआ से।
हम तो बुरे नहीं हैं तो अच्छे ही कहाँ हैं,
दुश्मन से जा मिले हैं मुहब्बत के गुमां से,
वो दफ्न ही कर देते हमें आगोश में लेकर,
ये मौत भी बेहतर है जुदाई की सजा से।

जुदाई/बिछड़ने पर शायरी हिन्दी में

बिछड़ने की शायरी हिंदी में / जुदाई शायरी का संग्रह हिन्दी में पढें




बिछडनें और जुदाई शब्द पर शायरी पढें






ये किस मोड़ पर तुम्हे बिछड़ने की सूझी,
मुद्दतों के बाद तो संवरने लगे थे हम…




हालात का तक़ाज़ा था , एक बार मिल के हम
बिछड़े कुछ इस अदा से , के दोबारा मिल न सकें





उनकी नज़रों से दूर हो जायेंगे हम ,
कहीं दूर फ़िज़ाओं में खो जायेंगे हम ,
मेरी यादों से लिपट के रोयेंगे वो ,
ज़मीन ओढ के जब सो जायेंगे हम..






तुझे चाहा तो बहुत इजहार न कर सके,
कट गई उम्र किसी से प्यार न कर सके,
तूने माँगा भी तो अपनी जुदाई माँगी,
और हम थे कि तुझे इंकार न कर सके।






न गिला है कोई हालात से ,
न शिकायत किसी की ज़ात से ,
खुद ही सारे वर्क जुदा हो रहे है ,
मेरी ज़िन्दगी की किताब से …




परखना मत

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परखना मत, परखने में कोई अपना नहीं रहता
  किसी भी आईने में देर तक चेहरा नहीं रहता
बडे लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
  जहां दरिया समन्दर में मिले, दरिया नहीं रहता
हजारों शेर मेरे सो गये कागज की कब्रों में
  अजब मां हूं कोई बच्चा मेरा ज़िन्दा नहीं रहता
तुम्हारा शहर तो बिल्कुल नये अन्दाज वाला है
  हमारे शहर में भी अब कोई हमसा नहीं रहता
मोहब्बत एक खुशबू है, हमेशा साथ रहती है
  कोई इन्सान तन्हाई में भी कभी तन्हा नहीं रहता
कोई बादल हरे मौसम का फ़िर ऐलान करता है
  ख़िज़ा के बाग में जब एक भी पत्ता नहीं रहता !!